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(M88) - Live Casino Games Challenge lady luck, play today, Famous Casino Games don't gamble away your future. Corona India Update: भारत में 1 दिन में कोरोनावायरस (coronavirus) संक्रमण के 124 नए मामले सामने आने के बाद देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,49,91,880 हो गई है, वहीं उपचाराधीन मरीजों की संख्या 3,193 से घटकर 3,001 रह गई है। इस दौरान 2 मरीजों की मौत हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को सुबह 8 बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक संक्रमण से 2 और मरीजों की मौत के बाद देश में कोरोनावायरस संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या 5,31,884 हो गई है। इनमें 1 वह मरीज शामिल है जिसका नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से दम तोड़ने वाले मरीजों की सूची में जोड़ा। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार भारत में अभी 3,001 लोगों का कोरोनावायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 0.01 प्रतिशत है, वहीं देश में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.81 प्रतिशत है। देश में अभी तक कुल 4,44,56,995 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार भारत में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 2,20,67,13,866 खुराकें लगाई जा चुकी हैं। गौरतलब है कि भारत में 7 अगस्त 2020 को कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और 5 सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले 1 करोड़ से अधिक हो गए थे। 4 मई 2021 को संक्रमितों की संख्या 2 करोड़ और 23 जून 2021 को 3 करोड़ के पार पहुंच गई थी। पिछले साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले 4 करोड़ के पार चले गए थे।(भाषा) Edited by: Ravindra Gupta

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2. त्रिकोणासन :- सबसे पले सावधान की मुद्रा में सीधे खड़े हो जाएं। अब एक पैर उठाकर दूसरे से डेढ़ फुट के फासले पर समानांतर ही रखें। मतलब आगे या पीछे नहीं रखना है। अब श्‍वांस भरें। फिर दोनों बाजुओं को कंधे की सीध में लाएं। अब धीरे-धीरे कमर से आगे झुके। फिर श्वास बाहर निकालें। अब दाएं हाथ से बाएं पैर को स्पर्श करें। बाईं हथेली को आकाश की ओर रखें और बाजू सीधी रखें। इस दौरान बाईं हथेली की ओर देखें। इस अवस्था में दो या तीन सेकंड रुकने के दौरान श्वास को भी रोककर रखें। अब श्‍वास छोड़ते हुए धीरे धीरे शरीर को सीधा करें। फिर श्‍वास भरते हुए पहले वाली स्थिति में खड़े हो जाएं। इसी तरह श्‍वास निकालते हुए कमर से आगे झुके। अब बाएं हाथ से दाएं पैर को स्पर्श करें और दाईं हथेली आकाश की ओर कर दें। आकाश की ओर की गई हथेली को देखें। दो या तीन सेकंड रुकने के दौरान श्वास को भी रोककर रखें। अब श्‍वास छोड़ते हुए धीरे धीरे शरीर को सीधा करें। फिर श्‍वास भरते हुए पहले वाली स्थिति में खड़े हो जाएं। यह पूरा एक चरण होगा। इसी तरह कम से कम पांच बार इस आसन का अभ्यास करें। Live Casino Games, इस वर्ष जून के महीने में बुधवार, 7 जून को आषाढ़ मास की संकष्‍टी गणेश चतुर्थी पड़ रही है। मान्यतानुसार इसे कृष्णपिङ्गल या कृष्णपिंगाक्ष संकष्टी चतुर्थी (Krishnapingal Sankashti Chaturthi 2023) के नाम से जाना जाता है। पुराणों के अनुसार पूर्णिमा के बाद आने वाली चतुर्थी को संकष्टी तथा अमावस्या के बाद की चतुर्थी को विनायकी के नाम से जाना जाता है। श्री गणेश विघ्नहर्ता है, अत: चतुर्थी के दिन भगवान उनका पूजन और व्रत किया जाता है। आइए जानते हैं आषाढ़ संकष्‍टी गणेश चतुर्थी के शुभ मुहूर्त और कथा- आषाढ़ संकष्‍टी चतुर्थी 2023 के शुभ मुहूर्त : कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी : बुधवार, 07 जून 2023 को चतुर्थी तिथि का प्रारंभ- 06 जून, मंगलवार को 12.50 ए एम से (देर रात) चतुर्थी तिथि का समापन- 07 जून, 2023 को 09.50 पी एम पर। बता दें कि इस बार संकष्टी चतुर्थी का समापन 09.50 पी एम पर हो रहा है तथा तत्पश्चात पंचमी तिथि लग जाएगी। अत: चतुर्थी तिथि के दौरान कोई चंद्रोदय नहीं है। वैसे संकष्टी के दिन चंद्रोदय का समय- 10.50 पी एम पड़ रहा है। 7जून 2023, बुधवार : दिन का चौघड़िया लाभ- 05.23 ए एम से 07.07 ए एम अमृत- 07.07 ए एम से 08.51 ए एम शुभ- 10.36 ए एम से 12.20 पी एम चर- 03.49 पी एम से 05.33 पी एम लाभ- 05.33 पी एम से 07.17 पी एम रात्रि का चौघड़िया शुभ- 08.33 पी एम से 09.49 पी एम अमृत- 09.49 पी एम से 11.04 पी एम चर- 11.04 पी एम से 08 जून को 12.20 ए एम तक, लाभ- 02.51 ए एम से 08 जून को 04.07 ए एम तक। आषाढ़ चतुर्थी व्रत कथा-Ashadh Chaturthi Vrat Katha आषाढ़ मास की चतुर्थी व्रत की कथा के अनुसार द्वापर युग में महिष्मति नगरी का महीजित नामक राजा था। वह बड़ा ही पुण्यशील और प्रतापी राजा था। वह अपनी प्रजा का पालन पुत्रवत करता था। किन्तु संतानविहीन होने के कारण उसे राजमहल का वैभव अच्छा नहीं लगता था। वेदों में निसंतान का जीवन व्यर्थ माना गया हैं। यदि संतानविहीन व्यक्ति अपने पितरों को जल दान देता हैं तो उसके पितृगण उस जल को गरम जल के रूप में ग्रहण करते हैं। इसी उहापोह में राजा का बहुत समय व्यतीत हो गया। उन्होंने पुत्र प्राप्ति के लिए बहुत से दान, यज्ञ आदि कार्य किए। फिर भी राज को पुत्रोत्पत्ति न हुई। जवानी ढल गई और बुढ़ापा आ गया किंतु वंश वृद्धि न हुई। तदनंतर राजा ने विद्वान ब्राह्मणों और प्रजाजनों से इस संदर्भ में परामर्श किया। राजा ने कहा कि हे ब्राह्मणों तथा प्रजाजनों! हम तो संतानहीन हो गए, अब मेरी क्या गति होगी? मैंने जीवन में तो किंचित भी पाप कर्म नहीं किया। मैंने कभी अत्याचार द्वारा धन संग्रह नहीं किया। मैंने तो सदैव प्रजा का पुत्रवत पालन किया तथा धर्माचरण द्वारा ही पृथ्वी शासन किया। मैंने चोर-डाकुओं को दंडित किया। इष्ट मित्रों के भोजन की व्यवस्था की, गौ, ब्राह्मणों का हित चिंतन करते हुए शिष्ट पुरुषों का आदर सत्कार किया। फिर भी मुझे अब तक पुत्र न होने का क्या कारण हैं? विद्वान् ब्राह्मणों ने कहा कि, हे महाराज! हम लोग वैसा ही प्रयत्न करेंगे जिससे आपके वंश कि वृद्धि हो। इस प्रकार कहकर सब लोग युक्ति सोचने लगे। सारी प्रजा राजा के मनोरथ की सिद्धि के लिए ब्राह्मणों के साथ वन में चली गई। वन में उन लोगों को एक श्रेष्ठ मुनि के दर्शन हुए। वे मुनिराज निराहार रहकर तपस्या में लीन थे। ब्रह्माजी के सामान वे आत्मजित, क्रोधजित तथा सनातन पुरुष थे। संपूर्ण वेद-विशारद एवं अनेक ब्रह्म ज्ञान संपन्न वे महात्मा थे। उनका निर्मल नाम लोमश ऋषि था। प्रत्येक कल्पांत में उनके एक-एक रोम पतित होते थे। इसलिए उनका नाम लोमश ऋषि पड़ गया। ऐसे त्रिकालदर्शी महर्षि लोमेश के उन लोगों ने दर्शन किए। सब लोग उन तेजस्वी मुनि के पास गए। उचित अभ्यर्थना एवं प्रणामदि के अनंतर सभी लोग उनके समक्ष खड़े हो गए। मुनि के दर्शन से सभी लोग प्रसन्न होकर परस्पर कहने लगे कि हम लोगों को सौभाग्य से ही ऐसे मुनि के दर्शन हुए। इनके उपदेश से हम सभी का मंगल होगा, ऐसा निश्चय कर उन लोगों ने मुनिराज से कहा। हे ब्रह्मऋषि! हम लोगों के दुःख का कारण सुनिए। अपने संदेह के निवारण के लिए हम लोग आपके पास आए हैं। हे भगवन! आप कोई उपाय बतलाइए। महर्षि लोमेश ने पूछा-सज्जनों! आप लोग यहां किस अभिप्राय से आए हैं? मुझसे आपका क्या प्रयोजन हैं? स्पष्ट रूप से कहिए। मैं आपके सभी संदेहों का निवारण करूंगा। प्रजाजनों ने उत्तर दिया- हे मुनिवर! हम महिष्मति नगरी के निवासी हैं। हमारे राजा का नाम महीजित है। वह राजा ब्राह्मणों का रक्षक, धर्मात्मा, दानवीर, शूरवीर एवं मधुरभाषी है। उस राजा ने हम लोगों का पालन पोषण किया है, परंतु ऐसे राज को आज तक संतान की प्राप्ति नहीं हुई। हे भगवान्! माता-पिता तो केवल जन्मदाता ही होते हैं, किंतु राज ही वास्तव में पोषक एवं संवर्धक होता हैं। उसी राजा के निमित हम लोग ऐसे गहन वन में आए है। हे महर्षि! आप कोई ऐसी युक्ति बताइए जिससे राजा को संतान की प्राप्ति हो, क्योंकि ऐसे गुणवान राजा को कोई पुत्र न हो, यह बड़े दुर्भाग्य की बात हैं। हम लोग परस्पर विचार-विमर्श करके इस गंभीर वन में आए हैं। उनके सौभाग्य से ही हम लोगों ने आपका दर्शन किया हैं। हे मुनिवर! किस व्रत, दान, पूजन आदि अनुष्ठान कराने से राजा को पुत्र होगा। आप कृपा करके हम सभी को बतलाएं। प्रजा की बात सुनकर महर्षि लोमेश ने कहा- हे भक्तजनो! आप लोग ध्यानपूर्वक सुनो। मैं संकटनाशन व्रत को बता रहा हूं। यह व्रत निसंतान को संतान और निर्धनों को धन देता हैं। आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी को ‘एकदंत गजानन’ नामक गणेश की पूजा करें। राजा व्रत करके श्रद्धायुक्त हो ब्राह्मण भोज करवाकर उन्हें वस्त्र दान करें। गणेश जी की कृपा से उन्हें अवश्य ही पुत्र की प्राप्ति होगी। महर्षि लोमश की यह बात सुनकर सभी लोग करबद्ध होकर उठ खड़े हुए। नतमस्तक होकर दंडवत प्रणाम करके सभी लोग नगर में लौट आए। वन में घटित सभी घटनाओं को प्रजाजनों ने राजा से बताया। प्रजाजनों की बात सुनकर राज बहुत ही प्रसन्न हुए और उन्होंने श्रद्धापूर्वक विधिवत गणेश चतुर्थी का व्रत करके ब्राह्मणों को भोजन वस्त्रादि का दान दिया। रानी सुदक्षिणा को श्री गणेश जी कृपा से सुंदर और सुलक्षण पुत्र प्राप्त हुआ। श्रीकृष्ण जी कहते हैं इस व्रत का ऐसा ही प्रभाव हैं। अत: जो व्यक्ति इस व्रत को श्रद्धापूर्वक करेंगे वे समस्त सांसारिक सुख के अधिकारी होंगे तथा उनका घर हमेशा खुशियों से भरापूरा रहेगा।

मंगलवार को जब कब्रिस्तान में कुछ लोग मैय्यत लेकर पहुंचे तो पाया कि एक पुराने कब्र में कुछ बोरे पड़े हुए हैं। जब लोगों ने इन बोरों को खोलकर देखा तो अचंभित हो गए। कब्र के भीतर बोरे में भरकर देसी शराब के पाउच रखे गए थे। M88 Get Lucky And Win Big! don't gamble away your future विशेषज्ञ मानते हैं बाघ-तेंदुए के शहरी आबादी की तरफ आने के कारणों को कुछ रिसर्च और भी पुख्‍ता करती है। दरअसल जंगल में शोर इतना ज्‍यादा बढ़ता जा रहा है कि वन्‍यजीवों को बेहद परेशानी हो रही है। पिछले दिनों दिल्ली स्थित सेंटर फार साइंस एंड एनवायरमेंट के सर्वे में सामने आया था कि इंसानों की तेजी से बढ़ती आबादी जंगली जानवरों के लिए खतरा साबित हो रही है। इस सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि रोजाना जंगलों में 1.10 करोड़ लोग लकड़ी काटने या अन्य कार्यों से जाते हैं। करीब 7 से 8 करोड़ जानवर चरने के लिए जंगलों में जा रहे हैं। पिकनिक और जंगल सफारी के लिए में भी बड़ी संख्या में लोग जंगल में जा रहे हैं। जंगलों से सटी सड़कों और पगडंडियों पर चहलकदमी, दौड़ लगाने और एक्‍सरसाइज करने वालों की संख्‍या और उनका शोर वन्‍य जीवों के जीवन पर असर डाल रहा है। खासतौर से अतिक्रमण, शहरीकरण, तरह-तरह की परियोजनाओं का विकास, खनन गतिविधियां भी बाघों के जंगल से पलायन के कारण हैं।

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पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ी Muhammad Rizwan का बोस्टन की गलियों में नमाज अदा करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है और सोशल मीडिया पर इसे मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। दरअसल, मोहम्मद रिज़वान इस वक़्त अपने साथी खिलाडी बाबर आज़म के साथ हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के कार्यकारी शिक्षा कार्यक्रम के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में हैं। Baccarat, दुनिया में मुख्य तौर पर सबके दो ही परिवार होते हैं। एक जिनसे आपका खून का रिश्ता है, और दूसरा जिनसे आपका खून का रिश्ता नहीं है लेकिन रिश्ता बहुत प्रगाढ़ है। यानी पहला परिवार और दूसरा दोस्त। हर सुख-दुख का दूसरा साथी होता है दोस्त। जीवन में दोस्ती नहीं कमाई तो कुछ नहीं कमाया। क्योंकि दोस्त के बिना तो जीवन एक कोरा कागज ही हैं। कागज पर लिखने के लिए कोई मीठा लम्हा ही नहीं है तो फिर क्या जीवन जिया... दोस्त वह जिसके समक्ष आपको कुछ भी करने के लिए तनिक भर भी नहीं सोचना पड़े, जिसके साथ आपके सबसे बेहतरीन पल गुजरे हो...आखिरी वक्त तक जो हमेशा साथ रहे। एक सच्चे दोस्त के नाते आपको अपने दोस्त के समक्ष न कभी हंसने से पहले विचार करना पड़े, ना ही रोने के पहले लिहाज करना पड़े। जीवन में भले एक ही दोस्त बनाया हो लेकिन हमेशा अपने उस मित्र का, उसकी मित्रता का आपको अभिमान रहे। 8 जून को हर साल राष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ मित्र दिवस मनाया जाता है। इस दिन आप अपने बेस्ट फ्रेंड के लिए कुछ खास करना चाहते हैं तो कर सकते हैं। उन्हें कोई अच्छा तोहफा दे सकते हैं। कोई अच्छा सा वीडियो बना सकते हैं। या अगर दोस्त से नोक-झोंक हो गई तो आज सबसे अच्छा मौका है अपने रूठे हुए दोस्त को मनाने का। नेशनल बेस्ट फ्रेंड डे क्यों मनाया जाता है आइए जानते हैं - राष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ मित्र दिवस को मनाने की शुरुआत यूएसए से हुई। 1935 में 8 जून को पहली बार राष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ मित्र दिवस मनाया गया। इसके बाद से हर साल यह दिवस मनाया जाने लगा। इस दिन को मनाने का उद्देश्य अपने खास दोस्त के प्रति आभार व्यक्त करना। अमेरिका के बाद धीरे-धीरे अन्य देशों में भी यह मनाया जाने लगा। अपने दोस्तों को भेजें प्यार भरा संदेश - दुनिया में दोस्ती को समझाना सबसे मुश्किल काम है। दोस्त है तो जीवन में आराम है। - अगर आपने दोस्ती का मतलब नहीं सीखा, तो आपने कुछ नहीं सीखा....दोस्त हमारी जीवन रेखा - दोस्ती प्यार से भी अधिक गहरी होती है क्योंकि दोस्ती दिल के करीब होती है। - मेरे पीछे मत चल, मैं नेतृत्व नहीं कर सकता। मेरे सामने मत चल, मैं अनुसरण नहीं कर सकता। बस मेरे बगल में चल और मेरे दोस्त बन मेरे दोस्त। - रोने के लिए कंधा देने और फिर मन को बहलाने के लिए बाहर ले जाने वाले दोस्त का शुक्रिया

Get Lucky and Win! M88 जब तीनों रथ तैयार हो जाते हैं, तब 'छर पहनरा' नामक अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। इसके तहत पुरी के गजपति राजा पालकी में यहां आते हैं और इन तीनों रथों की विधिवत पूजा करते हैं और ‘सोने की झाड़ू’ से रथ मण्डप और रास्ते को साफ करते हैं। आषाढ़ माह की शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि को रथयात्रा आरम्भ होती है। ढोल, नगाड़ों, तुरही और शंखध्वनि के बीच भक्तगण इन रथों को खींचते हैं। कहते हैं, जिन्हें रथ को खींचने का अवसर प्राप्त होता है, वह महाभाग्यवान माना जाता है। मलेशिया ने जहां गेंद पर कब्जा रखने पर ध्यान केंद्रित किया, वहीं भारत पहले मिनट से आक्रमण करता नजर आया। इससे उन्हें पहले क्वार्टर में कुछ पेनल्टी कॉर्नर भी मिले, लेकिन वे उन्हें भुना नहीं सके।

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वीडियो में भी करते थे जागरूक Famous Casino Games, 5. आग प्रतिरोधी श्रमता: ग्रीन रूफ में पौधे होने के कारण काफी नमी बनी रहती है जिससे आग लगने का खतरा कम होता है। अपने घर या बिल्डिंग को आग प्रतिरोधी बनाने के लिए आप ग्रीन रूफ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

जम्मू। Mehbooba Mufti Passport : 3 साल की लंबी लड़ाई के बाद हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पासपोर्ट पा लिया है पर उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती के पासपोर्ट का मामला अभी भी जम्मू-कश्मीर पुलिस के गले की फांस बना हुआ है। हालांकि जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के उपरांत क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने उनकी बेटी को जो पासपोर्ट जारी किया है वह सिर्फ दो साल के लिए ही वैध होने के साथ ही उन्हें सिर्फ संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा के लिए अनुमति दी गई थी। और जब कश्मीर में पासपोर्ट पाने की चर्चा शुरू हुई है तो इस सचाई को ठुकराया नहीं जा सकता कि कश्मीर में पासपोर्ट हासिल खाला जी का घर नहीं है। खासकर उन लोगों के लिए जिनका कोई सगा संबधी आतंकी रहा हो या फिर आतंकी गतिविधियों से दूर का रिश्ता हो। यही नहीं, कभी पत्थरबाज रहे और पत्थरबाजी के बीच कैमरों की नजर में आए व्यक्तियों के लिए भी अब पासपोर्ट हासिल करना चांद पर जाने जैसा है। हालांकि इस मुद्दे पर बढ़ते विवाद के बाद श्रीनगर के रीजनल पासपोर्ट अधिकारी कई बार स्पष्टीकरण देते हुए कहते थे कि पासपोर्ट जारी करने के लिए नियमों के मुताबिक पुलिस वेरिफिकेशन पूरा होना एक जरूरी शर्त है और उसके बिना पासपोर्ट जारी नहीं किया जा सकता। इतना जरूर था कि पासपोर्ट कार्यालय का कहना था कि उनकी इसमें कोई भूमिका नहीं होती है और सब पुलिस के सीआईडी विंग द्वारा पेश की गई रिपोर्ट पर निर्भर करता है। दरअसल, इल्तिजा मुफ्ती मामले में उनके पासपोर्ट की वैधता इस साल 2 जनवरी को समाप्त हुई थी। उन्होंने पिछले साल ही 8 जून को इसके नवीनीकरण के लिए अप्लाई कर दिया। पर उन्हें पासपोर्ट जारी नहीं हुआ। कारण पासपोर्ट कार्यालय और पुलिस के सीआईडी विंग द्वारा दिए जाने वाले परस्पर विरोधी बयान थे। यह सच है कि सैकड़ों ही नहीं, बल्कि हजारों ऐसे कश्मीरी आज भी पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए लंबा इंतजार कर रहे हैं। सब पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की तरह पहुंच वाले नहीं हैं जो पासपोर्ट हासिल करने के लिए सुप्रीमकोर्ट तक पहुंच सकें। महबूबा की 80 वर्षीय मां गुलशन नजीर को उस समय पासपोर्ट मिला था जब वह जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट पहुंची थी और अब महबूबा मुफ्ती को पासपोर्ट जारी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 3 महीने का समय दिया था। बड़ी रोचक बात मुफ्ती परिवार को पासपोर्ट जारी करने के लिए लगाई जाने वाली अड़चनों की यह थी कि जांच अधिकारी कहते थे कि मुफ्ती परिवार को पासपोर्ट जारी करना देश की एकता और अखंडता को खतरे के समान है। और अब ऐसी ही परिस्थितियों से वे नागरिक भी गुजर रहे हैं जो पासपोर्ट चाहते हैं पर उनका कोई दूर का रिश्तेदार या तो कभी आतंकी रहा है या फिर आतंकी गतिविधियों के लिए नामजद किया गया था। और जो पूर्व आतंकी हैं वे तो पासपोर्ट के बारे में सोच भी नहीं सकते। यही नहीं, 31 जुलाई 2021 को सीआईडी विभाग की स्पेशल ब्रांच के एसएसपी द्वारा जारी आर्डर संख्या एसबीके/सीएस/सुर्कलर/2021/589-600 ने उन आवेदकों की मुसीबतों को और बढ़ाया हुआ है जिसमें पासपोर्ट वेरिफिकेशन करने वालों को सख्त हिदायत दी गई थी कि जांच के दौरान वे पत्थरबाजों के रिकॉर्ड को भी जांचें और पत्थरबाजी के दौरान कैमरों में दिखाई देने वाले नागरिकों की भी तह तक जांच करें। नतीजतन, सैकड़ों उन आवेदकों को यह साबित करना मुश्किल हो रहा है जो कैमरों में दिखते हैं कि वे किसी प्रकार की पत्थरबाजी में शामिल नहीं थे और न ही उनका उन रिश्तेदारों से कोई नाता है जो कभी आतंकी रहे हों या फिर किसी आतंकी गतिविधि में नामजद किए गए हों। वैसे इतना जरूर है कि पासपोर्ट पाने के लिए सीआईडी विभाग की वेरिफिकेशन का जख्म कश्मीर में तबसे नागरिकों को सहन करना पड़ रहा है जबसे आतंकवाद फैला है और अब तो इसका दर्द राजनीतिज्ञों को भी महसूस होने लगा है। Pay By Phone Casino Games Mumbai Stock Market : वैश्विक बाजारों में मजबूती के रुख के बीच बुधवार को स्थानीय शेयर बाजार भी बढ़त के साथ खुले। बीएसई (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) शुरुआती कारोबार में 235.1 अंक की बढ़त के साथ 63,027.98 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) 77.05 अंक के लाभ से 18,676.05 अंक पर था। सेंसेक्स की कंपनियों में नेस्ले, पॉवर ग्रिड, एलएंडटी, ऐक्सिस बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इन्फोसिस, अल्ट्राटेक सीमेंट, विप्रो, इंडसइंड बैंक और टीसीएस के शेयर लाभ में थे, वहीं एचसीएल टेक्नोलॉजीज, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर नुकसान में कारोबार कर रहे थे। अन्य एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में तथा जापान का निक्की नुकसान में था। रुपया 8 पैसे की बढ़त के साथ 82.52 प्रति डॉलर पर : स्थानीय शेयर बाजारों में मजबूती के रुख के बीच बुधवार को रुपया शुरुआती कारोबार में 8 पैसे की बढ़त के साथ 82.52 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक से पहले बाजार भागीदार सतर्क रुख अपना रहे हैं जिससे रुपया सीमित दायरे में है। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक गुरुवार को रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखेगा। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 82.56 पर खुलने के बाद 82.52 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। यह पिछले बंद स्तर की तुलना में 8 पैसे की बढ़त है। मंगलवार को रुपया 82.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। 6 प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.02 प्रतिशत गिरकर 104.10 पर आ गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.45 प्रतिशत के नुकसान से 76.56 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था।(भाषा) Edited by: Ravindra Gupta